पटना: बिहार सरकार ने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पिछले एक सप्ताह में 23 सर्किल ऑफिसरों (CO) और राजस्व अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। ताजा कार्रवाई में राज्य के विभिन्न जिलों में तैनात 8 अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच, आरोप निर्धारण और वेतन वृद्धि रोकने जैसे कदम उठाए गए हैं।
राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने विभाग में ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत यह कार्रवाई की है। विभाग ने साफ किया है कि सरकारी जमीन, दाखिल-खारिज (म्यूटेशन), भूमि सुधार और राजस्व प्रशासन से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही, अनियमितता या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कार्रवाई की जद में आईं पूर्व डेहरी सर्किल ऑफिसर सीमा रानी पर सरकारी जमीन के रिकॉर्ड में कथित हेराफेरी, अवैध भूमि हस्तांतरण के मामलों में कार्रवाई नहीं करने और नियमों के विपरीत एक कर्मचारी को लाभ पहुंचाने के आरोप लगे हैं। उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।
वहीं, औरंगाबाद के पूर्व राजस्व अधिकारी और वर्तमान में बक्सर के इटाढ़ी सर्किल ऑफिसर संतोष कुमार प्रीतम की एक वेतन वृद्धि रोक दी गई है। उन पर गैर-बंदोबस्ती जमीन को रैयती भूमि बताकर म्यूटेशन की सिफारिश करने का आरोप सही पाया गया है।
गोपालगंज के बरौली के पूर्व राजस्व अधिकारी विजय कुमार सिंह के खिलाफ भी आरोप तय किए गए हैं। उन्हें इसी वर्ष जनवरी में कथित तौर पर रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया था और फिलहाल वे निलंबित हैं।
एक अन्य मामले में पूर्व मोतीपुर सर्किल ऑफिसर रुचि कुमारी पर बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (BIADA) की जमीन का अवैध रूप से म्यूटेशन कराने का आरोप है। मामले की जांच के लिए विभाग ने विशेष समिति गठित की है। इसके अलावा कई अन्य अधिकारियों पर भी भूमि रिकॉर्ड में बदलाव, बिना सत्यापन म्यूटेशन मंजूर करने और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की जांच चल रही है।
विभाग ने इससे पहले 27 मई को 14 अधिकारियों और 1 जून को एक अन्य सर्किल ऑफिसर के खिलाफ कार्रवाई की थी। ताजा फैसलों के बाद एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई झेलने वाले अधिकारियों की संख्या बढ़कर 23 हो गई है।
मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि सरकारी जमीन की सुरक्षा, राजस्व प्रशासन में पारदर्शिता और लोगों को भ्रष्टाचार मुक्त सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने चेतावनी दी कि दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।